भक्ति आंदोलन

* भक्ति आन्दोलन में अधिकत्तर  सभी संतों ने एकेश्वरवाद का प्राचर किया था

* निम्बार्क को सुदर्शन चक्र का अवतार मन जाता है.इन्होनें सनक संप्रदाय की स्थापना की थी

* माधवाचार्य ' आनंदतीर्थ ' और 'पूर्णप्रज्ञ ' नाम से प्रसिद्द हुए थे .इनका द्वैतवाद भागवत पुराण पर आधारित था .इनके द्वारा प्रचलित संप्रदाय को 'व्रह्म ' या 'स्वतंत्रतास्वतन्त्रवाद ' कहा जाता था .

*रामानंद ने रामभक्ति के प्रचार के लिए उत्साही विरक्त दल का गठन किया था ,जो वैरागी के  नाम से विख्यात थे .

*रामानंद प्रथम वैष्णव संत थे ,जिन्होनें होंदी भाषा के माध्यम से अपने विचारों को जनता तक पहुचाया .

*पीर सदरुद्दीन ने भारत आकर खोजाह संप्रदाय का प्रचार किया था .

*शिया सप्रदाय के धर्मगुरु बोहरा शाखा ने गुजरात में अपना दर्म प्रचार किया था.

*मुहम्मद साहब कुरेश काबिले से सम्बंधित थे,उन्होंने अपना प्रथम उपदेश अपनी पत्नी खदीजा को दिया था.मुहम्मद साहब ने 622 ई. में मक्का से मदीना की ओर प्रस्थान किया था और यहीं से हिजरी संवत का प्रारंभ हुआ था .

*शिया संप्रदाय 12 इमामों में विश्वास करता है,जिसके अनुसार 12 वें इमाम अभी आने वाले है .इस संप्रदाय के अनुसार पैगम्बर साहब के असली उत्तराधिकारी हजरत अली थे.

*9वीं शताब्दी के आरंभिक काल में मालावार का रजा चेरामन पेरूमल ने इस्लाम को अपनाकर अब्दुल रहीम सामरी नाम रखा था.

*मुसलमानों का आगमन सर्वप्रथम दक्षिण भारत के पश्चिमी तट पर हुआ था.

*अरबों ने सिंध में अनेक नगरों की स्थापना की थी जिसमे मन्सुरा को अपनी राजधानी बनाया था .

*कालीकट का राजा जमोरिन ने अपने राज्य में नाविकों की वृद्धि एवं व्यापर में संवृद्धि के लिए मुसलमानों को अनेक सुबिधाये प्रदान की थी तथा निम्न वर्ग के हिन्दुओं को धर्म परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया था .उसने यह भी आदेश जरी किया था कि राज्य के प्रत्येक मल्लाह परिवार से कम-कम एक तथा इससे अधिक  पुरुष को मुसलमान बनाया जाय .

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